साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को लगने जा रहा है। यह आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा, जिसे हिंदू धर्म में खंडग्रास चंद्र ग्रहण भी कहा जाता है। इस दिन एक खास संयोग भी बन रहा है, क्योंकि रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा भी 28 अगस्त को ही पड़ रही है।
चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस बार ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 92 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया यानी उम्ब्रा में प्रवेश करेगा।
आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण 2026 कब लगेगा, इसका समय क्या रहेगा, भारत में कहां दिखाई देगा, सूतक काल मान्य होगा या नहीं और 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है।
आइए जानते हैं Chandra Grahan 2026 का सम्पूर्ण सार — विस्तार से।
खंडग्रास चंद्र ग्रहण 2026 कब लगेगा?
साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को होगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं बल्कि आंशिक चंद्र ग्रहण होगा।
ग्रहण की पूरी प्रक्रिया लगभग 5 घंटे 38 मिनट तक चलेगी, जबकि आंशिक ग्रहण का चरण करीब 3 घंटे 18 मिनट तक रहेगा।
चंद्र ग्रहण 2026 का समय
- तारीख: 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
- ग्रहण का प्रकार: आंशिक चंद्र ग्रहण
- आंशिक ग्रहण शुरू: सुबह 8:04 बजे
- ग्रहण का चरम: सुबह 9:43 बजे
- आंशिक ग्रहण समाप्त: सुबह 11:21 बजे
- कुल अवधि: लगभग 5 घंटे 38 मिनट
- आंशिक चरण: लगभग 3 घंटे 18 मिनट
नोट: ये समय वैश्विक ग्रहण चरणों को भारतीय मानक समय (IST) में दर्शाते हैं। किसी विशेष स्थान पर ग्रहण दिखाई देगा या नहीं, यह वहां के चंद्रोदय और भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है।
क्या भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण 2026?
28 अगस्त को होने वाला चंद्र ग्रहण भारत के सभी हिस्सों में दिखाई नहीं देगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कई अन्य क्षेत्रों में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में ग्रहण के प्रमुख चरण उस समय होंगे जब चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा। इसलिए इन जगहों पर लोग इसे सीधे आसमान में नहीं देख पाएंगे।
हालांकि, दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में इस आंशिक चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा।
इसलिए यदि आप भारत के किसी दूसरे शहर में रहते हैं, तो अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार ग्रहण की दृश्यता जरूर जांच लें।
Chandra Grahan 2026 का सूतक काल लगेगा या नहीं?
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और भोजन आदि को लेकर कई तरह के नियम बताए गए हैं। हालांकि, पारंपरिक पंचांग के अनुसार सूतक काल का प्रभाव मुख्य रूप से उन स्थानों पर माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है।
चूंकि 28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कई अन्य क्षेत्रों में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इन स्थानों पर सामान्यतः सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। फिर भी, धार्मिक नियम अलग-अलग क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए किसी विशेष शहर के लिए स्थानीय पंचांग को देखना बेहतर रहेगा।
रक्षाबंधन 2026 पर चंद्र ग्रहण का क्या असर होगा?
इस बार रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, वहां स्थानीय पंचांग परंपराओं के अनुसार आमतौर पर ग्रहण संबंधी सूतक लागू नहीं माना जाता। इसलिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में रक्षाबंधन के धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।
हालांकि, राखी बांधने का शुभ समय और पूजा मुहूर्त अपने शहर के पंचांग के अनुसार ही निर्धारित करना उचित रहेगा।
Chandra Grahan 2026 का राशियों पर प्रभाव
वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव अलग-अलग राशियों के जातकों पर अलग हो सकता है। यहां बताए गए प्रभाव ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
♈ मेष राशि
मेष राशि के जातकों को धन और व्यक्तिगत योजनाओं से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी चाहिए। किसी भी बड़े निर्णय को जल्दबाजी में लेने से बचें।
उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और जरूरतमंद को भोजन कराएं।
♉ वृषभ राशि
कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन इसके साथ आगे बढ़ने के अवसर भी मिल सकते हैं। धैर्य और अनुशासन बनाए रखें।
उपाय: चावल या दूध का दान करें।
♊ मिथुन राशि
शिक्षा, यात्रा और परिवार से जुड़े मामलों में व्यस्तता बढ़ सकती है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अच्छी तरह विचार करें।
उपाय: “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।
♋ कर्क राशि
भावनाओं में उतार-चढ़ाव और तनाव महसूस हो सकता है। छोटी बातों को लेकर परेशान होने के बजाय शांत रहने की कोशिश करें।
उपाय: चावल या दूध का दान करें।
♌ सिंह राशि
करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। विवादों से बचें और बातचीत में संयम रखें।
उपाय: सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें।
♍ कन्या राशि
आप अपनी दिनचर्या और जीवनशैली में कुछ सकारात्मक बदलाव करने के बारे में सोच सकते हैं। आत्ममंथन के लिए समय अच्छा रह सकता है।
उपाय: भगवान गणेश की पूजा करें और मूंग दाल का दान करें।
♎ तुला राशि
आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और फिजूलखर्ची से बचें। रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखने की कोशिश करें।
उपाय: जरूरतमंदों को भोजन का दान करें।
♏ वृश्चिक राशि
परिवार और रिश्तों से जुड़े मामलों में धैर्य रखना जरूरी होगा। गुस्से में कोई बात कहने से बचें।
उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्र दान करें।
♐ धनु राशि
काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन नई संभावनाएं भी सामने आ सकती हैं। अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखें।
उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और पीली वस्तुओं का दान करें।
♑ मकर राशि
धन से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी की जरूरत होगी। निवेश या किसी को पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोचें।
उपाय: काले तिल का दान करें।
♒ कुंभ राशि
रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में गलतफहमियां दूर करने की जरूरत पड़ सकती है। स्पष्ट और शांत बातचीत करें।
उपाय: जरूरतमंद को भोजन कराएं।
♓ मीन राशि
मानसिक शांति और आत्मचिंतन की ओर आपका झुकाव बढ़ सकता है। योग और ध्यान आपके लिए उपयोगी रह सकते हैं।
उपाय: चंद्र देव की पूजा करें और सफेद वस्तुओं का दान करें।
चंद्र ग्रहण 2026 का महत्व
28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कई कारणों से खास है। यह साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण है। इसके अलावा इसी दिन रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा का पर्व भी पड़ रहा है। हालांकि भारत के कई हिस्सों, विशेषकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ऐसे में वहां रहने वाले लोगों के लिए सूतक काल से जुड़े नियम स्थानीय पंचांग के अनुसार ही देखे जाने चाहिए।
इस Chandra Grahan 2026 की सम्पूर्ण जानकारी पाने के लिए पूरा वीडियो हिंदी में देखें।
निष्कर्ष
28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसकी कुल अवधि करीब 5 घंटे 38 मिनट होगी। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक सामान्यतः मान्य नहीं माना जाएगा। इसी दिन रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा भी है, जिससे तिथि खास बन जाती है।
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